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माँ सा मेरी मासी है

                
                                                         
                            माँ-सी मेरी मासी है,
                                                                 
                            
माँ-जैसा हर दम मेरा ख्याल वो रखती,
किसी मुसीबत में सबसे आगे मेरा हाथ थामे वो चलती।
फूल सी कोमल,
माँ-सी ममता उनकी,
है निर्मल,
है वो थोड़ी चंचल
सबकी लाडली वो।
तोहफ़े खिलौने हर पल देती,
रखती हमारी हर ख्वाहिश का ख्याल
फिर चाहे पिज़्ज़ा, बर्गर खिलाना हो
या शॉपिंग का कोई नया बहाना हो
बच्ची वो हमारे संग बन जाती|
जब जीवन के रास्तों पर छाई थी धुंध,
तब मेरी रोशनी बनकर खड़ी थी वो|
है मेरे हर हौसले की डोर,
है प्रेम सा निर्मल आँचल उनका
है धैर्य की अद्भुत मिसाल वो,
है करुणा का सागर, और स्नेह का नूर
है मेरे संकट की साथी वो,
मेरी संकटमोचक, मेरी प्रार्नरक्षिका
माँ - सी मेरी मासी है||
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11 घंटे पहले

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