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ईद मुबारक

                
                                                         
                            हर सांस के चलते, ये उम्मीद होती है,
                                                                 
                            
हर आरज़ू मेरे, मन - मुफीद होती है,
किस्मत से जिस दिन, उनकी दीद होती है,
ऐ रब, कसम तेरी, उसी दिन ईद होती है,
होती है खुशियाँ ढेर सारी,
बातें होती हैं प्यारी-प्यारी,
गूंज उठती है बच्चों की किलकारी,
महक उठती है हर फूलवारी,
तेरे साथ होने से, जगत में जीत होती है,
खुदा कसम, उसी दिन हमारी ईद होती है ,....
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
5 महीने पहले

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