सच्चे रिश्तों की प्रतीक होती है राखी
धागा नहीं इसका कभी कमज़ोर होगा
हर साल बदलते हैं रंग-रूप इसके
पर इसका प्यार सदा भरपूर होगा
- फ़ौज़िया नसीम शाद
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