सुबू के जन्मदिन के अवसर पर
यह कविता
सूरज चांद सितारों संग बीते सुबू के दिन- रात
मिलती रहे सदा जीवन में खुशियों की सौगात
एक-एक कदम रखकर जीवन में तुम आगे बढ़ते जाओ
सफलताओं के सर्वोच्च शिखर पर तुम चढ़ते जाओ
जल थल नभ तक यश-कीर्ति पताका फहराते जाआेेे
श्रेष्ठ-जनों के चरणों में तुम श्रद्धा से शीश झुकाते जाओ।
छल-कपट झूठ और प्रपंच से कभी न कोई नाता हो
मिले वह सहज सरल स्वभाव जो हर मन को भाता हो
सत्य अहिंसा और प्रेम ही जीवन का आधार बने
मानव सेवा के लिए समर्पित जीवन का आचार-विचार बने
पग-पग पर राहों में तुमको खुशियों का हार मिले
गहरे सागर की लहरों में भी सदैव तुम्हें पतवार मिले
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