कोई किसी का नहीं ये दुनिया रिश्तों का व्यापार करे
औकातें पैसों से नाप कर फिर मन चाहा व्यवहार करे.
भाई बहिन माँ बाप के रिश्ते सब एक तराजू तौल करे
झोली जिसकी खाली दिखती अगले पल तिरस्कार करे.
-दिनेश चौहान
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