ख्वाब देखे तुम्हारे नाम कर दी आंखें
तुम्हें देखा तुम्हें जाना तो हंस दी आंखे
वो लौटकर कभी गांव आया ही नहीं
जिसके वास्ते दहलीज पे रख दी आंखें
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