कौन यहाँ पर बैठा है
मेरी कहानियां सुनने को
तैयार खड़े हैं लोग यहां बस
अपना रास्ता चुनने को
मैं लिये पोटली खड़ा इधर
अपने ख़्वाबों अरमानों की
कुछ पार किये हुए गर्तों की
कुछ छूट गए सोपानों की
कौन यहाँ पर बैठा है
मेरी नादानियाँ सुनने को
तैयार खड़े हैं लोग यहां बस...।
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