अपने दुश्मन पर भी एतबार होना चाहिए
इश्क़ में भी कभी इतवार होना चाहिए
बहुत आसाँ होता है गुलों से दिल लगाना
काँटों से भी कभी इज़हार होना चाहिए
किनारे पर बैठकर मौजों से क्या खेलना
तुफ़ानों से भी कभी तकरार होना चाहिए
यूँ जिन्दगी को शिद्दत से जिए तो बहुत
मौत से भी कभी इकरार होना चाहिए
हर बात मान लो मोहब्बत में जरूरी तो नहीं
कुछ बातों से भी कभी इनकार होना चाहिए।
- बिपिन तिवारी 'मासूम'
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