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इश्क़ में भी इतवार होना चाहिए

ishq me bhi itvaar hona chahiye
                
                                                         
                            अपने दुश्मन पर भी एतबार होना चाहिए
                                                                 
                            
इश्क़ में भी कभी इतवार होना चाहिए

बहुत आसाँ होता है गुलों से दिल लगाना
काँटों से भी कभी इज़हार होना चाहिए

किनारे पर बैठकर मौजों से क्या खेलना
तुफ़ानों से भी कभी तकरार होना चाहिए

यूँ जिन्दगी को शिद्दत से जिए तो बहुत
मौत से भी कभी इकरार होना चाहिए

हर बात मान लो मोहब्बत में जरूरी तो नहीं
कुछ बातों से भी कभी इनकार होना चाहिए।

- बिपिन तिवारी 'मासूम'

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8 वर्ष पहले

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