बिजलिया चली जाएंगी कलियाँ चली जाएंगी।
घर के आँगन की वो खुशियाँ चली जाएंगी।
खुद को संभाल लो अभी भी वक्त है मेरे दोस्त
मोहब्बत के चक्कर में ये सदियाँ चली जाएंगी।
-भीम 'भमर'
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