जिन वीर जवानों ने
देश के लिए ही जीवन जिया था
वीर सिंहनियों का
जिन्होंने दूध पिया था
बुज़दिलों की एक चाल ने
छीन लिए वीरों के प्राण
एक मौका जो मिलता उनको
लड़ते युद्ध भूमि में सीना तान
आ जाते गर दुश्मन सामने
सीना उनका रख देते चीर के
मर जाते देश की खातिर पर
न आती शिकन चेहरे पर वीर के
नाप तोल के जो हुए थे भर्ती सेना में
टुकड़ों में वो अपने घर आये
देख कर ऐसा मंज़र
नयन हर देश वासी के भर आए
देश के लिए दी जिन्होंने प्राणों की आहुति
शाहदत उनकी बेकार नहीं जाने देंगे
एक गिरेगा सौ उठेंगे ऐसे जवान देश के
माँ भारती के आँचल पर आँच नहीं आने देंगे
- भावना तोमर
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