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ये हिंन्दुस्तान है

                
                                                         
                            चीन ने धोखेबाजी के रंग दिखा दिए,
                                                                 
                            
हमने भी उसे,जंग के मायने सिखा दिए।।

की थी सर्जिक़ल-स्ट्राइक,पाकिस्तान के साथ,
डोकलाम में चीन को,उसकी औकात दिखा दिए।।
हमने भी उसे,जंग के मायने सिखा दिए.....

हमारा इक-इक जवान है,फौलाद का बना हुआ,
करो याद "जशवंत" को,जिसने तेरे पसीने छुड़ा दिए।।
हमने भी उसे,जंग के मायने सिखा दिए.....

ये "हिंन्दुस्तान" है,यहां की मांएं 'शेर' जना करती हैं,
इकहत्तर,'कारगिल' को कर याद,जहां पाकिस्तान को घुटने टिका दिए।।
हमने भी उसे,जंग के मायने सिखा दिए.....

- अविनाश डबराल
कोटद्वार

- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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5 वर्ष पहले

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