सुख आता है धीरे-धीरे
दुःख जाता है धीरे-धीरे
ठीक एक परी-सी
ठीक एक सुंदरी सी
तो रहो सुख दुःख में सदा एक समान
पाओगे समय से सुख शांति समृद्धि सम्मान।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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