जहां भेदभाव है
वहां अभाव है
प्यार का
समानता का,
जहां है सबका ध्यान
जहां है सबका सम्मान
है वही सुंदर समाज
है जहां सेवा के काज
बनाना है सुंदर समाज
बनाना है विकसित समाज
बनाना है कल और आज
रखना है सबकी लाज
बनाना है सुंदर हिंदुस्तान
बनाना है विकसित हिंदुस्तान
हटाना है भेदभाव
दिखाना है सच्चा भाव।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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