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सच्चा भाव

                
                                                         
                            जहां भेदभाव है
                                                                 
                            
वहां अभाव है
प्यार का
समानता का,
जहां है सबका ध्यान
जहां है सबका सम्मान
है वही सुंदर समाज
है जहां सेवा के काज
बनाना है सुंदर समाज
बनाना है विकसित समाज
बनाना है कल और आज
रखना है सबकी लाज
बनाना है सुंदर हिंदुस्तान
बनाना है विकसित हिंदुस्तान
हटाना है भेदभाव
दिखाना है सच्चा भाव।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
13 घंटे पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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