कौन बोलेगा?
कौन तोलेगा?
मेरे शब्दों को
मेरे अब्दों को
सच बोल दूंगा
सच तोल दूंगा
सच लिखूंगा
सच दिखूंगा
सच में शक्ति अपार है
सच से सदा मुझे प्यार है
सच में गंगा की धार है
सच सुनने को जो तैयार है
उसके लिए खुला मेरा द्वार है
सच डरता नहीं है
सच मरता नहीं है
डरे वो जो सच करता नहीं है
जो सच कहता नहीं है
कायर है वो जो सच सहता नहीं है
कायर है वो जो सच कहता नहीं है
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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