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ओ मजदूर! ओ किसान!

                
                                                         
                            ओ मजदूर! ओ किसान!
                                                                 
                            
आप लोगों से है हिंदुस्तान
आपने किया श्रमदान
तभी हम बनें महान
आप ही अन्नदाता
आप ही विधाता
आप ही बनाते भवन
आप ही बनाते भुवन
हैं आप क्यों मजबूर
ओ मजदूर! ओ मजदूर!
हैं आप कोहिनूर
है आपसे ही नूर
हैं क्यों आप सुख से दूर?
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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1 hour ago

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