जिसका मुकुट हिमालय है
जिसका शोभा देवालय है
जहां है गंगा का किनारा
जहां है यमुना का किनारा
जहां है राजस्थान हमारा
जहां है गंगा का मैदान प्यारा
जहां है यूं. पी.,बिहार हमारा
जो रहा सबका सदा सहारा
जो रहा चमकता सितारा
वही है हिंदुस्तान हमारा।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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