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दो रोटी के लिए

                
                                                         
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फिर नौकरी के लिए
दो रोटी के लिए
आया शहर
छोड़ कर
प्यारा सा गांव मैं
पीपल का छांव मैं
मिला धुआं धूल
हो गई भयंकर भूल।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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16 hours ago

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