मानता हूं कोहरा घना है
पर डरना मना है
मरना मना है
मानता हूं आलोचना है
पर नहीं रुकना है
कहीं नहीं झुकना है
सारी समृद्धि होगी कदम तले
यदि हम संभल कर तन कर चलें।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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