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समाजवादी लोकगीत

                
                                                         
                            भइया अखिलेश हैऐ जनता की अवजिया
                                                                 
                            
हे बाबू हम हई खाटी समजवदिया भारत के...
हे भइया हम हई असली समजवदिया भारत के...

देश में हमार गौरवशाली इतिहसिया
लोहिया-कर्पूरी-राज नारायण के सपनिया
मुलायम सिंह मिटवले कुछ हद तक दरददिया..
हे बाबू हम हई खाटी समजवदिया भारत के...

समता-स्वतंत्रता के नारा हमार बा
खुशी-हरियाली के लावै हर घार बा
सबको सम्मान जेकर जेतना अबदिया
हे बाबू हम हई खाटी समजवदिया भारत के...

जब-जब राहल समजवादी सरकार में
खुशी सब माई-भाई योजना अव प्यार में
भइया अखिलेश कईले बहुतय विकसिया
हे बाबू हम हई खाटी समजवदिया भारत के...

देखा चारों ओर महंगाई के मार बा
घोर असमनता से मचल हाहाकार बा
सीमित करय-केबा व्यवस्था बाजरवदिया
हे बाबू हम हई खाटी समजवदिया भारत के...

जनता परेशानी जोगी-मोदी सरकार से
इनका भगावैकबा जड़ से उखाड़ के
अबकी चलावे-केबा समजवादी लहरिया
हे बाबू हम हई खाटी समजवदिया भारत के...

-अमित कुमार मंडल
(लेखक लखनऊ विश्वविद्यालय के राजनीति शास्त्र विभाग का छात्र है)


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6 वर्ष पहले

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