दिल को गहरा करने को,
मैं बार-बार तुझको देखूं।
अनजाने मेरा दिल ये बेचैन घूमे,
आखिर क्यों चाहे मुझसे बेताब घूमे।
ना मुझको कोई,
ना मुझको कोई गाड़ी चाहिए,
मेरे दिल से जोड़ने वाले एक
प्यारा सा साईंया चाहिए।
मैं पाऊं यदि महफ़िल,
गले लग के आऊं तुझे,
दिल को चलाने वाले
मेरी काबिल का माने,
एक ऐसा ही यार चाहिए।
छुपे मुझको,
रहिया मुझको,
थोड़ा पुकारना चाहे।
चाहे मैं झगड़ूं भी,
फिर भी मुझसे न रूठे।
दिल को गहरा करने को,
रंगीला साईंया चाहिए।
बात करले मुझसे,
दिल की मुलाकात करले,
बोली पहली लादे।
मैं बार-बार उनको देखूं,
दिल को गहरा करने को
एक साईंया मागु!
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