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भोजपुरी विशेष, कवि रूपन की सावनी कजरी- पिया तजके हमें गइले परदेसवा ना

Bhojpuri Kavya
                
                                                         
                            कवि रूपन जी बनारस के लोकप्रिय कजरी गायक थे। आपका समय 20वीं सदी का प्रारंभ था। आपकी बहुत सारी रचनाएँ अभी अप्राप्य हैं लेकिन जो मिली हैं उनमें प्रस्तुत है एक कजरी-  
                                                                 
                            

पिया तजके हमें गइले परदेसवा ना
गए हमसे कर के घात, सुनऽ सौतिन के साथ,
नाहीं भेजलऽ जबसे गइले संदेशवा ना
पिया तजके हमें...

पिया हमको छोड़ कर परदेस चले गए हैं, उन्होंने हमारे साथ धोखा किया है और सुना है सौतिन साथ गए हैं। और तो और जब से गए हैं तब से कोई संदेश भी नहीं भेजा है। आगे पढ़ें

नाहिं कल दिन रात, जबसे चढ़ल बरसात

5 वर्ष पहले

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