स्वतंत्रता चाहें रूढ़ियों से हो या व्यवस्था या किसी औपनिवेशिक सरकार से, वह इतनी आसानी से नहीं मिलती, उसके लिए संघर्ष करना पड़ता है। इन्हीं संघर्षों के बीच कई बार मन हतोत्साहित भी हो जाता है, ऐसे में कुछ शब्द इतना कमाल कर जाते हैं कि वापस उत्साह का संचार हो जाता है और उन्हीं शब्दों को हम नारा बना लेते है।
आपके सामने पेश हैं ऐसे ही कुछ नारे जिन्होंने आज़ादी के संघर्ष के दौरान स्वतंत्रता सेनानियों में साहस का संचार किया और वह आज़ादी की पहचान बन गए।
जय हिन्द
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सुभाष चन्द्र बोस
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