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'बादल' पर कहे गए शायरों के अल्फ़ाज़

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बादल नाम तो एक ही है लेकिन इसके मायने भी अलग-अलग हैं और लोगों के लिए इसकी ज़रूरत भी। किसानों को बादल आशा देते हैं, प्यासों को राहत, नदियों को जल देते हैं और गर्मी को राहत। बिंब के रूप में भी इसके कई प्रयोग हैं। बादल को पहरे के तौर पर भी इस्तेमाल किया गया है। जानें क्या कहते हैं शायर बादलों के बारे में


अपना बादल तलाशने के लिए
उमर भर धूप में नहाए हम
- नवनीत शर्मा


दूर तक फैला हुआ पानी ही पानी हर तरफ़
अब के बादल ने बहुत की मेहरबानी हर तरफ़
- शबाब ललित

धूप के बादल बरस कर जा चुके थे और मैं
ओढ़ कर शबनम की चादर छत पे सोया रात भर
- असलम आज़ाद


बरसात का बादल तो दीवाना है क्या जाने
किस राह से बचना है किस छत को भिगोना है
- निदा फ़ाज़ली

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7 वर्ष पहले

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