आहटें सुन रहा हूँ यादों की
आज भी अपने इंतज़ार में ग़ुम
- रसा चुग़ताई
आने में सदा देर लगाते ही रहे तुम
जाते रहे हम जान से, आते ही रहे तुम
- इमाम बख़्श नासिख़
अब इन हुदूद में लाया है इंतज़ार मुझे
वो आ भी जाएँ तो आए न ऐतबार मुझे
- ख़ुमार बाराबंकवी
इक रात वो गया था जहाँ बात रोक के
अब तक रुका हुआ हूँ वहीं रात रोक के
- फ़रहत एहसास
अब ख़ाक उड़ रही है यहाँ इंतज़ार की
ऐ दिल ये बाम-ओ-दर किसी जान-ए-जहाँ के थे
- जौन एलिया
जिस की आँखों में कटी थीं सदियाँ
उस ने सदियों की जुदाई दी है
- गुलज़ार
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