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गोरख पाण्डेय की कविता 'हत्या-दर-हत्या'

गोरख पाण्डेय
                
                                                         
                            हत्या-दर-हत्या
                                                                 
                            

हत्या की ख़बर फैली हुई है
अख़बार पर,
पंजाब में हत्या
हत्या बिहार में
लंका में हत्या
लीबिया में हत्या
बीसवीं सदी हत्या से हो कर जा रही है
अपने अंत की ओर
इक्कीसवीं सदी
की सुबह
क्या होगा अख़बार पर ?
ख़ून के धब्बे
या कबूतर
क्या होगा
उन अगले सौ सालों की
शुरुआत पर
लिखा ? 

- गोरख पाण्डेय 

साभार - हिंदी समय 
8 वर्ष पहले

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