पूज्यपाद अतिथि जी खाना आप खा चुके हैं
अब मेरे बच्चों पे रहम कुछ खाइए
आपके आने की तिथि तो न हमें याद रही
कृपा कर जाने की तिथि ही बतलाइए
अतिथि सेवा का पुण्य बहुत कमा चुका हूँ
मारा जाऊँगा न और ज़्यादा कमवाइए
होली मेरे घर की दशहरा मेरे घर किया
दीवाली तो कहीं और जाकर मनाइए।
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