आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

जश्न-ए-अदब 2019 - आवाज़ के जादूगर नीलेश मिसरा बताएंगे कि कैसे 'आवाज़ दिखाई देती है'

Jashn e adab 2019 neelesh misra session awaaz dikhai deti hai
                
                                                         
                            

अपनी आवाज़ के ज़रिए लोगों को ख़ुद से जोड़ने वाले नीलेश मिसरा जश्न-ए-अदब में बताएंगे कि कैसे ‘आवाज़ दिखाई देती है।’ नीलेश मिसरा की आवाज़ रेडियो के प्रोग्राम ‘यादों का इडियट बॉ़्क्स’ से ख़ूब लोकप्रिय हुई। बहरहाल वह द नीलेश मिसरा शो और कहानी एक्सप्रेस के लिए काम कर रहे हैं।


जश्न-ए-अदब में रजिस्टर करने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें। 
https://www.amarujala.com/jashn-e-adab

एक लेखक और समाजसेवी शिवा बालक मिसरा के यहां नीलेश मिसरा का जन्म 5 मई 1973 को हुआ। नीलेश लखनऊ में पैदा हुए और नैनीताल में बड़े हुए। उन्होंने एक पत्रकार के तौर पर अपनी शुरुआत की। अपने रिपोर्ताज के लिए उन्हें रामनाथ गोयनका सम्मान भी मिला था। बहरहाल वह गांव कनेक्शन के नाम से अख़बार निकालते हैं। नीलेश ने अब तक पांच किताबें लिखी हैं जिनमें द एबसेंट स्टेट को ख़ास तौर पर ख़्याति मिली। 

नीलेेश बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। जितनी लोकप्रिय उनकी आवाज़ है उतने ही उनके लिखे गीत भी। नीलेश ने बॉलीवुड में कई गीत लिखे हैं जिनमें जादू है नशा है, बेपनाह प्यार है शामिल हैं। उनके गीत एक था टाइगर, शंघाई, बर्फ़ी, क्यों और बनाजरंगी भाईजान में भी सुनाई दिए थे। उन्होंने 15 फ़िल्मों में 20 से ज़्यादा गाने लिखे हैं। नीलेश अनुभवों के आधार पर अपना ब्लॉग भी लिखते हैं। तो मिलिए नीलेश मिसरा से जश्न-ए-अदब में।

6 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर