राजपाल यादव के कॉमेडी रोल लोगों के बीच ख़ूब लोकप्रिय हुए। उन्होंने लोगों को अपने अभिनय से ख़ूब गुदगुदाया। इसमें उनकी फ़िल्में हंगामा, वक़्त, फिर हेरा फेरी, पार्टनर, भूल भुलैया, चुप-चुपके आदि शामिल हैं। इस बार वह जश्न-ए-अदब में भी शिरकत करेंगे और बताएंगे कि किस प्रकार सिनेमा समाज में एक दर्पण की तरह कार्य करता है।
राजपाल यादव एक प्रभावशाली कॉमेडी कलाकार माने जाते हैं। राजपाल ने लखनऊ की भारतेन्दु नाट्य अकादमी से शिक्षा ली और वहां से कोर्स पूरा करने के बाद राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में अभिनय का प्रशिक्षण लिया। इसके बाद सन् 1997 में वह मुंबई चले गए। राजपाल ने दूरदर्शन के सीरियल में नेगेटिव रोल किए। हालांकि एक नेगेटिव किरदार के तौर पर भी उन्हें सफ़लता मिली लेकिन उन्होंने अपने लिए कॉमेडी को ही चुना। उन्होंने मुख्य अभिनेता के तौर पर भी कई फ़िल्मों में काम किया है जिसमें मैं माधुरी दीक्षित बनना चाहती हूं, लेडीज़ टेलर, मैं मेरी पत्नी और वो आदि शामिल हैं।
राजपाल ने हिंदी के साथ-साथ उन्होंने तेलुगु सिनेमा में भी अभिनय किया है। फ़िल्म जंगल में अभिनय के लिए उन्हें सेन्सुई स्क्रीन बेस्ट एक्टर अवॉर्ड मिला और मैं माधुरी दीक्षित बनना चाहती हूं के लिए यश भारती सम्मान भी मिल चुका है। मिलिए राजपाल यादव से कार्यक्रम जश्न-ए-अदब में।
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