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लक्ष्मी की कहानीः द ओनली लाइफ

द ओनली
                
                                                         
                            अपने अनुयायियों के लिए वह ओशो, आचार्य रजनीश या भगवान हैं। विरोधियों के लिए वह एक विवादास्पद धर्मगुरु हैं, जिन्होंने यौन उन्मुक्तता को बढ़ावा दिया और जिन्हें रॉल्स रॉयस और महंगी घड़ियों में ज्यादा रुचि थी। एक तीसरा वर्ग भी है, जो ओशो का अनुयायी न होते हुए भी उनकी वाग्मिता से प्रभावित रहा है और उन्हें बुद्ध के बाद सबसे बड़ा विचारक मानता है। राशिद मैक्सवेल ने यह किताब ओशो पर नहीं, उनकी शुरुआती अनुयायी और पहली पर्सनल सेक्रेटरी लक्ष्मी कुरुवा पर लिखी है। अलबत्ता इस बहाने ओशो पर भी कमोबेश रोशनी पड़ती है।
                                                                 
                            

लक्ष्मी मुंबई की एक जैन परिवार की लड़की थी, जो बचपन से ही आध्यात्मिक रुझान की, लेकिन विद्रोही स्वभाव की थी। अपने परिवार की परंपरा के विपरीत उसने को-एजुकेशन वाले स्कूल में पढ़ाई की और विवाह भी नहीं किया। महात्मा गांधी से प्रभावित लक्ष्मी ऑल इंडिया वुमेन कांग्रेस से जुड़ीं। वहीं चौंतीस की उम्र में इस छोटे कद, लेकिन मजबूत इरादों वाली महिला की पहली बार रजनीश से मुलाकात हुई। कांग्रेस पार्टी की सिल्वर जुबली कॉन्फ्रेंस में, जिसकी वह सचिव थीं, रजनीश अतिथि वक्ता थे।

लक्ष्मी उन्हें कम करके आंक रही थीं, लेकिन उनकी मौजूदगी और फिर उनके भाषण ने लक्ष्मी को इस तरह सम्मोहित किया कि वह मंच से अतिथि वक्ता का धन्यवाद करना ही भूल गईं। उसके बाद उनका जीवन ही बदल गया। किताब में लक्ष्मी की सांगठनिक, नेतृत्व क्षमता और रजनीश आश्रम में उनके उत्तरोत्तर बढ़ते महत्व के ब्योरे हैं, तो कैंसर की बीमारी, आश्रम की अंदरूनी राजनीति में पराजित होने और फिर विस्मृति में चले जाने के भी विवरण हैं।

​रजनीश जब अमेरिका चले गए, तो वह, वहां उनसे मिलने गईं, लेकिन ओरेगॉन के उस कम्युन में उन्हें प्रवेश की इजाजत नहीं थी। ठीक उसी समय अपनी अति महत्वाकांक्षी पर्सनल सेक्रेटरी मां आनंद शीला के षड्यंत्रों से रजनीश का अमेरिका में रहना मुश्किल हुआ, तो उन्हें भारत लाने में लक्ष्मी की बड़ी भूमिका थी। हालांकि, ओशो के अंतिम समय में लक्ष्मी उनके साथ नहीं थीं। उनके अंतिम संस्कार के बाद लक्ष्मी पहुंचीं और वहां भी उन्हें आश्रम में नहीं रहने दिया। 
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8 वर्ष पहले

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