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नेतन्याहू के लंबे शासन का होगा अंत?आइजेनकोट को नई सरकार बनाने का मिला मौका

Mon, 09 Nov 2026 03:12 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

इस्राइल की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। देश में नई सरकार के गठन की कवायद शुरू हो गई है और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लंबे शासन का अंत होने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। अक्तूबर में हुए चुनावों में नेतन्याहू के सत्तारूढ़ गठबंधन को संसद में बहुमत हासिल नहीं हुआ। इसके बाद नई सरकार बनाने को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने शनिवार को विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से बातचीत करने के बाद विपक्षी नेता गादी आइजेनकोट को नई सरकार बनाने का मौका दिया है। राष्ट्रपति की ओर से उन्हें गठबंधन तैयार करने के लिए 28 दिनों का समय दिया गया है। यदि वह निर्धारित समय में सरकार बनाने में सफल नहीं होते हैं, तो वह 14 दिनों का अतिरिक्त समय भी मांग सकते हैं। इस तरह उनके पास सरकार गठन के लिए कुल 42 दिनों तक का समय हो सकता है।

गादी आइजेनकोट यशर पार्टी के नेता हैं। सरकार बनाने की जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने लिखा कि अब राष्ट्रीय आपातकालीन सरकार बनाने का समय है। उन्होंने यह भी कहा कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे कि उनकी पार्टी और सहयोगी इस जिम्मेदारी के योग्य साबित हों। आइजेनकोट के सामने सबसे बड़ी चुनौती अलग-अलग विचारधाराओं वाले विपक्षी दलों को एक साथ लाकर स्थिर सरकार बनाना है। दरअसल, इस्राइल के विपक्षी दलों के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा, धर्म और फलस्तीनी क्षेत्रों पर इस्राइल के नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर गहरे मतभेद हैं। ऐसे में सभी दलों के बीच सहमति बनाना आसान नहीं माना जा रहा है।

इस्राइल की संसद को नेसेट कहा जाता है, जिसमें कुल 120 सदस्य होते हैं। किसी भी पार्टी या गठबंधन को सरकार बनाने के लिए कम से कम 61 सांसदों का समर्थन जरूरी होता है। फिलहाल न तो गादी आइजेनकोट और न ही बेंजामिन नेतन्याहू के पास स्पष्ट बहुमत का आंकड़ा है। ऐसे में अरब समर्थित राजनीतिक पार्टियों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो सकती है। इन दलों का समर्थन सरकार गठन की पूरी तस्वीर बदल सकता है। हालांकि, आइजेनकोट और उनके संभावित सहयोगी इन पार्टियों के समर्थन पर निर्भर नहीं रहना चाहते।

आइजेनकोट के संभावित गठबंधन में चार प्रमुख पार्टियां शामिल हैं। इनमें उनकी अपनी यशर पार्टी, यायर गोलान के नेतृत्व वाली मध्य-वामपंथी डेमोक्रेट्स पार्टी, नफ्ताली बेनेट की मध्य-दक्षिणपंथी टुगेदर पार्टी और एविगडोर लिबरमैन की दक्षिणपंथी यिस्राएल बेतेनु पार्टी शामिल हैं। इन चारों दलों के पास कुल 48 सीटें बताई गई हैं, जो बहुमत के लिए जरूरी 61 सीटों से 13 कम हैं। ऐसे में उन्हें अतिरिक्त सांसदों और राजनीतिक सहयोगियों का समर्थन जुटाना होगा।

कुल मिलाकर, इस्राइल में सरकार गठन की प्रक्रिया काफी चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। एक तरफ नेतन्याहू की सत्ता पर संकट गहराता दिखाई दे रहा है, तो दूसरी तरफ आइजेनकोट के सामने विभिन्न विचारधाराओं वाले दलों को एकजुट करने की चुनौती है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि क्या विपक्षी दल आपसी मतभेद भुलाकर नई सरकार बनाने में सफल होते हैं या इस्राइल की राजनीति में एक बार फिर नया राजनीतिक गतिरोध पैदा होता है।

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