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नेपाल में फिर से आई भीषण बाढ़ झूला पुल बहा, 400 परिवारों पर बढ़ा संकट!

Mon, 31 Aug 2026 03:30 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

नेपाल में प्राकृतिक आपदा का संकट लगातार गहराता जा रहा है। मध्य नेपाल में रविवार सुबह त्रिशूली नदी के अचानक उफान पर आने से एक महत्वपूर्ण सस्पेंशन ब्रिज यानी झूला पुल बह गया। करीब तीन घंटे तक चली इस बाढ़ ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यह पुल गंडकी प्रांत के गोरखा जिले में गंडकी ग्रामीण नगरपालिका-8 के घ्यालचोक इलाके को पृथ्वी राजमार्ग के पास स्थित चरौंदी से जोड़ता था। सुबह करीब साढ़े 11 बजे तेज बहाव के कारण 130 मीटर लंबा घ्यालचोक-चरौंदी पुल पूरी तरह नदी में समा गया। पुल के बह जाने के बाद गंडकी ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड नंबर 7 और 8 में रहने वाले लोगों का पृथ्वी राजमार्ग से सीधा संपर्क टूट गया है।

यह पुल स्थानीय लोगों के लिए महज आने-जाने का रास्ता नहीं था, बल्कि उनकी रोजमर्रा की आर्थिक गतिविधियों का भी अहम हिस्सा था। अधिकारियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब 400 परिवार इस पुल का नियमित इस्तेमाल करते थे। घ्यालचोक के किसान दूध और उससे बने उत्पादों के साथ-साथ सब्जियां और दूसरी कृषि उपज इसी पुल के रास्ते चरौंदी स्थित कृषि सहकारी संस्था तक पहुंचाते थे। पुल के बह जाने के बाद किसानों के सामने अपनी उपज बाजार और सहकारी संस्था तक पहुंचाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। अगर जल्द वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था नहीं की गई, तो इसका सीधा असर स्थानीय किसानों की आमदनी और उनकी कृषि गतिविधियों पर पड़ सकता है।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह इलाका पहले से ही बाढ़ से हुए नुकसान से उबर नहीं पाया है। इससे पहले 26 अगस्त को अचानक आई भीषण बाढ़ में धवाडीघाट का एक पुल भी बह गया था। धवाडीघाट पुल त्रिशूली नदी के बहाव की दिशा में घ्यालचोक-चरौंदी पुल से कुछ दूरी पर स्थित था। उसके टूट जाने के बाद स्थानीय लोगों ने घ्यालचोक-चरौंदी पुल को वैकल्पिक संपर्क मार्ग के तौर पर इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था। लेकिन अब दूसरा महत्वपूर्ण पुल भी बह जाने से क्षेत्र के लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।

त्रिशूली नदी में बार-बार बढ़ता जलस्तर नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में नए खतरे पैदा कर रहा है। पुल और सड़क जैसे बुनियादी ढांचे के लगातार क्षतिग्रस्त होने से राहत और जरूरी सामान की आवाजाही भी प्रभावित हो सकती है। स्थानीय प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित इलाकों को दोबारा मुख्य सड़क नेटवर्क से जोड़ना और किसानों तथा आम लोगों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराना है। लगातार प्राकृतिक आपदाओं के बीच नेपाल के इन पहाड़ी इलाकों में सामान्य जनजीवन बहाल करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

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