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नेपाल में फिर से मंडरा रहा फ्लैश फ्लड का खतरा, स्थानीय प्रशासन हुआ अलर्ट!

Sat, 29 Aug 2026 12:37 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम


नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद एक बार फिर बड़े खतरे की चेतावनी जारी की गई है। नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी के जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नदी में पानी के साथ कीचड़ और मलबे का बहाव बढ़ने से अधिकारियों को आशंका है कि प्रभावित इलाकों में एक बार फिर अचानक बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के आसपास रहने वाले लोगों तथा राहत और बचाव अभियान में जुटी टीमों को बेहद सतर्क रहने की सलाह दी है। 


यह ताजा अलर्ट उस भीषण आपदा के कुछ ही दिनों बाद आया है, जिसने नेपाल के कई हिस्सों को भारी नुकसान पहुंचाया। 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने रसुवा के साथ-साथ नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन समेत कई इलाकों को प्रभावित किया। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, शुरुआती आकलनों में बाढ़ के पीछे तिब्बत की ओर से अचानक आए पानी और ऊपरी क्षेत्र में बर्फीले मलबे के कारण नदी के अस्थायी रूप से अवरुद्ध होने की संभावना जताई गई है। 

अब चिंता इसलिए बढ़ गई है क्योंकि नदी के ऊपरी हिस्से में बने एक अस्थायी बैरियर लेक में पानी जमा होने की खबर सामने आई है। इस तरह की झील तब बन सकती है जब भूस्खलन, बर्फ या मलबा नदी के रास्ते को रोक देता है। यदि पानी का दबाव बढ़कर इस प्राकृतिक अवरोध को तोड़ देता है, तो अचानक बड़ी मात्रा में पानी नीचे की ओर आ सकता है और फ्लैश फ्लड जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। 28 अगस्त को ऐसी ही आशंकाओं के बीच बचाव अभियान को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा और प्रभावित क्षेत्र के लोगों को ऊंचे तथा सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को कहा गया। 

NDRRMA ने खास तौर पर भोटेकोशी और त्रिशूली नदी कॉरिडोर में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे नदी के किनारे जाने से बचें और प्रशासन की चेतावनियों को गंभीरता से लें। किसी भी तरह के खतरे के संकेत मिलने पर लोगों को बिना देरी किए सुरक्षित स्थान पर चले जाने की सलाह दी गई है। त्रिशूली नदी के नीचे की ओर स्थित इलाकों में भी हाई अलर्ट जारी किया गया है। 

इस पूरे घटनाक्रम ने नेपाल में शुरुआती चेतावनी व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं, क्योंकि 26 अगस्त की बाढ़ बेहद तेजी से आई थी। ऐसे में मौजूदा स्थिति में प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और राहत एवं बचाव टीमों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। फिलहाल अधिकारियों की नजर भोटेकोशी नदी के जलस्तर और ऊपरी क्षेत्र में बने जल अवरोध पर बनी हुई है। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं के आधार पर ही निर्णय लें।

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