प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के उच्चीकरण एवं डॉक्टरों की नियुक्ति की मांग को लेकर बुधवार को तहसील मुख्यालय में जनआक्रोश रैली निकालकर राज्य सरकार का पुतला दहन किया गया। इस दौरान क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने एकसूत्रीय मांग के समर्थन में प्रदर्शन करते हुए सरकार से शीघ्र शासनादेश जारी करने की मांग की। मद्महेश्वर घाटी, तुंगनाथ घाटी, कालीमठ घाटी, ऊखीमठ पंचगाई क्षेत्र के ग्रामीणों तथा व्यापारियों सहित विभिन्न क्षेत्रों के लोग सुबह करीब 10 बजे गैस एजेंसी के समीप एकत्रित हुए। यहां से प्रदर्शनकारी स्वास्थ्य केंद्र के उच्चीकरण की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए बस स्टैंड पहुंचे, जहां उन्होंने सरकार का पुतला दहन किया। इसके बाद सभी आंदोलनकारी तहसील परिसर स्थित धरना स्थल पर पहुंचे, जहां स्वास्थ्य केंद्र के उच्चीकरण की मांग को लेकर विगत 24 दिनों से क्रमिक अनशन जारी है। धरना स्थल पर आंदोलनकारियों ने कहा कि 14 सितंबर से क्रमिक अनशन किया जा रहा है। इस दौरान स्वास्थ्य सचिव की ओर से 15 दिनों के भीतर स्वास्थ्य केंद्र के उच्चीकरण का शासनादेश जारी करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद शासनादेश जारी नहीं हुआ है। आंदोलनकारियों ने कहा कि शासनादेश जारी न होने के कारण क्षेत्रवासियों में आक्रोश है। इसी के चलते जनआक्रोश रैली निकालकर सरकार का पुतला दहन किया गया। उन्होंने सरकार से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उच्चीकृत करने तथा आवश्यक चिकित्सकों एवं सुविधाओं की व्यवस्था के लिए शीघ्र शासनादेश जारी करने की मांग की।