सुल्तानपुर: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व रायबरेली सांसद राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि केस में मंगलवार को सुनवाई हुई। एमपी-एमएलए की विशेष कोर्ट में परिवादी भाजपा नेता विजय मिश्र के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने अपनी बहस पूरी कर ली। इसके बाद राहुल गांधी की ओर से अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल ने बहस शुरू की, लेकिन समयाभाव के कारण पूरी नहीं हो सकी। विशेष कोर्ट के मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने शेष बहस के लिए सात अक्तूबर की तारीख तय की है। मामला वर्ष 2018 में बेंगलुरू में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष और मौजूदा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ राहुल गांधी की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा है। जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन व भाजपा नेता विजय मिश्र ने चार अगस्त 2018 को राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का परिवाद दाखिल किया था। 27 नवंबर 2023 को कोर्ट ने राहुल गांधी को विचारण के लिए तलब किया था। इसके बाद उन्होंने 20 फरवरी 2024 को अदालत में हाजिर होकर जमानत कराई थी। 26 जुलाई 2024 को उनका बयान भी दर्ज किया गया था। फरवरी में दर्ज हुआ था धारा 313 का बयान मामले में 20 फरवरी 2026 को राहुल गांधी दोबारा कोर्ट में पेश हुए थे। इस दौरान सीआरपीसी की धारा 313 के तहत उनका बयान दर्ज किया गया था। परिवादी विजय मिश्र की ओर से राहुल गांधी के वायस सैंपल का मिलान कराने के लिए अर्जी दी गई थी, जिसे ट्रायल कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ दाखिल निगरानी अर्जी भी सेशन कोर्ट से खारिज हो गई थी। वायस सैंपल का विधि विज्ञान प्रयोगशाला से मिलान कराने की मांग को लेकर परिवादी की ओर से हाईकोर्ट में भी याचिका दाखिल की गई थी। हाईकोर्ट ने भी ट्रायल कोर्ट और सेशन कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी थी।