मऊ के मुहम्मदाबाद गोहना तहसील परिसर में अधिवक्ताओं ने वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। पुतला फूंकने के प्रयास के दौरान पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच छीना-झपटी हुई। मुहम्मदाबाद गोहना तहसील परिसर में मंगलवार को तहसील का कामकाज शुरू होते ही अधिवक्ताओं ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। अधिवक्ता महेंद्र राय के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की गई। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है और करोड़ों मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उनका कहना था कि मतदाता सूची में कथित अनियमितताएं लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान की मूल भावना से जुड़ा गंभीर विषय हैं। धरने को संबोधित करते हुए अधिवक्ता महेंद्र राय ने कहा कि प्रमुख समाचार पत्रों में वोटों में कथित हेराफेरी से संबंधित खबरें प्रकाशित होने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त को बचाने का प्रयास कर रही है और इसके लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को जिम्मेदार बताया। अधिवक्ताओं ने बिहार में एसआईआर और कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में कथित अनियमितताओं का भी उल्लेख किया। धरने के बाद आक्रोशित अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए तहसील परिसर में घूमे। इसके बाद उन्होंने मुख्य द्वार पर मुख्य चुनाव आयुक्त और केंद्रीय गृहमंत्री का पुतला फूंकने का प्रयास किया। पुतला फूंकने की जानकारी मिलते ही मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे कब्जे में लेने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच तीखी झड़प और छीना-झपटी हुई। कुछ देर तक मौके पर तनाव की स्थिति बनी रही। अंततः पुलिस पुतला अपने कब्जे में लेकर वहां से चली गई। पुलिस की कार्रवाई से नाराज अधिवक्ताओं ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ भी नारेबाजी की।