मथुरा के छाता में शुगर मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर भूतपूर्व सैनिक परिषद के बैनर तले चल रहे धरने में अब महिलाओं ने भी मोर्चा संभाल लिया है। प्रदर्शन स्थल पर पहुंची महिलाओं ने मिल चालू कराने की मांग का पुरजोर समर्थन किया। कहा कि छाता शुगर मिल के चलने से ही क्षेत्र के किसानों की तरक्की संभव है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि जब से शुगर मिल बंद हुई है, तब से किसान मजबूरन धान की खेती करने को विवश हैं, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि धान की फसल में बड़े पैमाने पर विषैली दवाइयों और कीटनाशकों का इस्तेमाल किया जाता है, जिसके कारण हमारा खानपान और खाद्य पदार्थ अशुद्ध होते जा रहे हैं, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। महिलाओं का मानना है कि यदि छाता शुगर मिल दोबारा चालू हो जाती है तो किसान एक बार फिर अपने खेतों में गन्ने की पारंपरिक और लाभकारी खेती करेंगे। इससे न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और पूरे क्षेत्र का चहुंमुखी विकास होगा।