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महोबा: सड़क निर्माण की मांग को लेकर तीन गांवों के छात्र-छात्राओं का कलक्ट्रेट में प्रदर्शन

Shikha Pandey Updated Mon, 24 Aug 2026 09:27 PM IST

बदहाल सड़कों व जलभराव से परेशान छात्र-छात्राएं अब बुनियादी सुविधाओं को लेकर आगे आ रहे हैं। सोमवार को तीन गांवों के 100 से अधिक छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। एडीएम व एसडीएम को शिकायती पत्र देकर सड़क बनवाने की मांग की। इस दौरान बीएसए ने बच्चों को गोद में उठाकर उनसे समस्या पूछी। साथ ही गांव पहुंच सड़कों की हकीकत देखते हुए शीघ्र दुरुस्त कराए जाने का भरोसा दिया। तब छात्र-छात्राएं शांत हुए। ब्लॉक कबरई के इलाहीपुरवा ग्योड़ी के मजरा सिद्धनडेरा निवासी छात्र सुनील, शीला, कमल, उमादेवी, सुशीला, संजय, संतोष, ज्ञानवती और ग्रामीण राकेश, रामप्रताप आदि ने कलक्ट्रेट पहुंच नारेबाजी करते हुए खस्ताहाल मार्ग का निर्माण कराने की मांग की। बाद में एडीएम नमामि गंगे सूर्यकांत त्रिपाठी व एसडीएम शिवध्यान पांडेय को शिकायती पत्र देकर बताया कि उनका मजरा ग्योड़ी मुख्य मार्ग से 500 मीटर अंदर है। यहां से 30 से अधिक बच्चे परिषदीय विद्यालयों के साथ इंटर कॉलेजों में पढ़ने के लिए कबरई आते-जाते हैं। उनके आने-जाने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं है। चार मीटर चौड़ी पगडंडी में बारिश के मौसम में कीचड़ और दलदल के साथ जलभराव हो जाता है। इससे वह आए दिन फिसलकर गिर जाते हैं। इससे कपड़े, जूते व बैग खराब हो जाते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क इतनी खराब है कि बीमार होने पर बुजुर्गों व प्रसूताओं को मुख्य मार्ग तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। इसी तरह दिसरापुर और बिलवई गांव निवासी हरीशंकर, खेमचंद्र, ओमप्रकाश, अजय, मनोज, सलमान आदि अभिभावकों व बच्चों ने अधिकारियों को शिकायती पत्र देकर बताया कि उनके गांव में ट्रेन पटरी तक जाने वाले मुख्य मार्ग पर कोई सड़क और खड़ंजा नहीं है। बारिश के मौसम में सड़क पर पानी भरा है। सड़क दलदल में तब्दील होने से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। आने-जाने के दौरान अक्सर बच्चे चोटिल हो जाते हैं। इससे उन्होंने अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो रही है। किसी के बीमार होने पर 108 व 102 नंबर एंबुलेंस भी गांव के अंदर नहीं आ पाती है। बीमार लोगोंं को चारपाई पर गांव से बाहर तक ले जाना पड़ता है। उन्होंने शीघ्र सड़क का निर्माण कराए जाने की मांग की। ताकि, बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो और आवागमन बेहतर हो सके। एसडीएम ने ग्रामीणों व बच्चों को आश्वासन दिया कि मौके पर टीमें भेजकर सर्वे कराया जाएगा। जो सड़कें खराब हैं, उन्हें शीघ्र दुरुस्त कराया जाएगा। इससे पहले भी रैपुराकलां गांव के बच्चों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर हाईवे पर जाम लगाया था। जाम लगाए बच्चों से बदसलूकी करने पर शहर कोतवाल समेत चार पुलिसकर्मी लाइनहाजिर हुए थे।

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