लगातार बारिश से गंगा की सहायक पांडु नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। गुरुवार को बर्रा-8 के वरुण विहार स्थित कच्ची बस्ती में पानी घुसने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। घरों के अंदर पानी पहुंचने पर लोग बच्चों और जरूरी सामान के साथ सुरक्षित स्थानों पर चले गए। कई झोपड़ियों में पानी भरने से गृहस्थी प्रभावित हुई। वहीं हरिद्वार से गंगा में पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों के साथ कटरी के 176 गांवों में अलर्ट जारी किया है। बस्ती में रहने वाले मनीष, ज्ञान सिंह, चंद्रपाल और सुनीता ने बताया कि बुधवार की रात अचानक पानी घरों में पहुंच गया। अंधेरे में मोबाइल की रोशनी से बच्चों को बाहर निकाला। कुछ परिवार आसपास किराये के कमरों में चले गए हैं। पांडु नदी का पानी बढ़ने से रफाका नाले में बैकफ्लो की आशंका भी बढ़ी है। नदी का पानी नाले में गया तो रावतपुर, विजयनगर, दादानगर और बर्रा-7 में जलभराव बढ़ सकता है। उधर गंगा के बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर तटवर्ती इलाकों में चिंता बढ़ा दी है। बैराज पर गुरुवार की शाम पांच बजे अपस्ट्रीम जलस्तर 113.65 मीटर और डाउनस्ट्रीम 113.50 मीटर दर्ज किया गया। सभी 30 गेट खोलकर 2,99,861 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गेज रीडर उत्तम पाल ने बताया कि हरिद्वार से 1,34,584 और नरौरा से 91,940 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी दी गई है। शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर 112.24 मीटर पहुंच गया है जो चेतावनी बिंदु से 76 सेंटीमीटर नीचे है।