मोबाइल खोने के बाद उसे वापस पाने की उम्मीद छोड़ चुके 105 लोगों के चेहरे रविवार को पुलिस लाइन में खिल उठे। यहां बुलाकर दो आईपीएस अधिकारियों ने उन्हें उनके मोबाइल फोन सौंपे। इनकी कीमत करीब 21 लाख रुपये है। लोगों ने दोनों के साथ फोटो भी खिंचवाए। अब मोबाइल या चोरी होने पर पुलिस को सूचना देने पर मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। क्योंकि सर्विलांस सेल और थाना स्तर की संयुक्त टीमें सीईआईआर पोर्टल की मदद से लगागार मोबाइल खोजती रहती है। गत छह महीनों में सवा सौ से अधिक लोगों ने मोबाइल गुम होने की शिकायत दर्ज कराई थी। मोबाइलों को खोजने के बाद पुलिस ने उनके स्वामियों को रविवार को पुलिस लाइन बुलाया। यहां एएसपी उत्तरी विवेक तिवारी व सीओ सिटी आफताब आलम ने मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे। फोन के साथ लोगों को अपना जरूरी डाटा और पुरानी यादें भी वापस मिल गईं। मोबाइल पाकर लोगों ने पुलिस टीम का आभार जताया। एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि टीमों ने मोबाइल के आईएमईआई नंबर और तकनीकी जानकारी के आधार पर सीईआईआर पोर्टल के जरिए ट्रैकिंग की। इसके बाद अलग-अलग स्थानों से मोबाइल बरामद किए गए। दस माह में 2.12 करोड़ के 1061 मोबाइल पुलिस के अनुसार पिछले दस माह में मोबाइल रिकवरी टीम 1061 मोबाइल बरामद कर चुकी है। इनकी कीमत करीब 2.12 करोड़ रुपये है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर तत्काल थाने में शिकायत करें और सीईआईआर पोर्टल पर भी रिपोर्ट दर्ज कराएं।