बिछिया (बहराइच) । जनपद बहराइच की तहसील मिहींपुरवा अंतर्गत कतर्नियाघाट जंगल इलाके के आंबा गांव में सरकारी राशन को लेकर कोटेदार की मनमानी सामने आई है। आंबा स्थित सरकारी राशन की दुकान से आंबा समेत नई ग्राम पंचायत बिछिया के कार्ड धारकों को भी राशन मिलता है। शनिवार को दर्जनों कार्डधारक महिलाओं ने आंबा के सरकारी राशन की दुकान पर जमकर हंगामा काटा। कार्ड धारकों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से कोटेदार मनमानी कर रहा है। उसके द्वारा लोगों का अंगूठा लगवाकर उन्हें पर्ची थमा दी जाती है और जब कार्ड धारक राशन लेने पहुंचते हैं तो राशन खत्म होने की बात कहकर उन्हें वापस कर दिया जाता है। बिछिया, आंबा, भवानीपुर, भरथापुर और तेलागौड़ी के कार्डधारक बलविंद्र कौर, मुस्ताक अली, आसिया बानो, रूबी, नूर जहाँ, गायत्री देवी, आमिर हसन, विपिन, राधिका, हसीबून, समीर, ननकऊ, चंद्रा देवी, रईशा खातून, महेन्द्र चौहान आदि ने बताया कि वे सभी शुक्रवार को राशन लेने आंबा कोटेदार के यहां पहुंचे थे, जिस पर कोटेदार ने सभी के राशन कार्ड फेंक दिए। लोगों के विरोध करने पर उसने पुलिस बुला ली। जिसके बाद लाइन लगाकर कुछ लोगों को राशन दिया गया और बाकी बचे लोगों को अगले दिन आने की बात कहकर वापस कर दिया गया। शनिवार को जब सभी दोबारा राशन लेने आंबा गए तो उन्हें अंगूठा लगवाकर पर्ची देकर अगली बार राशन लेने को कहा गया, जिस पर सभी कार्ड धारक भड़क गए और राशन लेने की जिद पर अड़ गए। इस पर कोटेदार राशन खत्म होने की बात कहकर वहां से फरार हो गया। लोगों का आरोप है कि उनके पास पिछले कई महीनों की पर्चियां हैं, लेकिन राशन उन्हें नहीं मिला है। हर बार सौ से अधिक लोगों को राशन नहीं मिल पा रहा है। लोगों ने बताया कि वे जंगल के रास्ते 5 से 10 किलोमीटर दूर आंबा राशन की दुकान पर पैदल, साइकिल और रिक्शे से पहुंचते हैं। ऐसे में उन्हें कई चक्कर लगाने पड़ते हैं और काफी कठिनाइयों के बाद भी उन्हें मायूस होकर खाली हाथ लौटना पड़ता है। बिछिया ग्राम पंचायत के लोगों ने बताया कि वे पड़ोस के गांव विशुनापुर और फकीरपुरी राशन लेने जाते हैं तो वहां भी उन्हें राशन देने से मना कर दिया जाता है। बिछिया के लोगों ने हाथ उठाकर प्रदर्शन करते हुए अधिकारियों से मांग की है कि उनकी ग्राम पंचायत बिछिया में अलग कोटेदार का चयन कर दिया जाए, जिससे लोगों को 5 से 10 किलोमीटर दूर जान जोखिम में डालकर राशन लेने न जाना पड़े और उन्हें अपने गांव में ही राशन मिल जाए। कोटेदार की इस मनमानी के खिलाफ लोगों में भारी नाराजगी है। लोगों ने कोटेदार का कोटा सस्पेंड करने की भी मांग की है।