सरयू का जलस्तर बढ़ने के साथ रामघाट पारंपरिक शवदाह स्थल पर अंतिम संस्कार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नदी किनारे पानी पहुंचने के कारण वहां शवदाह नहीं हो पा रहा है। ऐसे में टीन शेड के अंदर ही अंतिम संस्कार किया जा रहा है, लेकिन वहां तक पहुंचने का रास्ता बदहाल होने से लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। कीचड़ से भरे रास्ते पर लोग घुटने तक कीचड़ में होकर आने-जाने को मजबूर हैं। परिजन शव को घाट तक ले जाने में कतरा रहे । कई शव कीचड़ में गिरते गिरते बची । शव को बचाने में परिजन तालाब में गिरे । रामघाट पर सरयू का जलस्तर बढ़ने के बाद नदी के किनारे वाला शवदाह स्थल पानी की चपेट में आ गया है। इससे सामान्य तौर पर नदी के किनारे होने वाला अंतिम संस्कार प्रभावित हुआ है। टीन शेड के नीचे शवदाह कराया जा रहा है। बारिश और जलभराव के बीच यहां पहुंचने वाला रास्ता भी दलदल में तब्दील हो गया है। अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर पहुंच रहे लोगों को काफी दिक्कत हो रही हैं। रास्ते में जगह-जगह कीचड़ जमा है। कई हिस्सों में पानी और कीचड़ के कारण पैर निकालना तक मुश्किल हो रहा है। परिजन किसी तरह शव लेकर शेड तक पहुंच रहे हैं। अंतिम संस्कार के बाद लौटने में भी उन्हें इसी रास्ते से गुजरना पड़ रहा है। इसी रामघाट शवदाह स्थल के कायाकल्प के लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण की ओर से करीब 4.84 करोड़ रुपये की परियोजना पर काम चल रहा है। फरवरी 2025 में शुरू हुई परियोजना को दिसंबर 2025 तक पूरा किया जाना था, लेकिन अभी भी काम जारी है। प्लेटफार्म पर टीन शेड लगाने का काम करीब पूरा हो चुका है, जबकि वेटिंग एरिया, लैंडस्केपिंग, शॉप-ऑफिस और साइट डेवलपमेंट के कार्य चल रहे हैं। एडीए सचिव राजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि जलस्तर बढ़ने के कारण नदी किनारे शवदाह प्रभावित हुआ है। निर्माणाधीन स्थल पर जो रास्ता खराब है, उसे दुरुस्त कराने के लिए संबंधित को निर्देशित किया जाएगा।