अयोध्या: अयोध्या के रुदौली में ख्वाजाहाल की रामलीला में धनुष यज्ञ, श्रीराम-सीता विवाह और परशुराम-लक्ष्मण संवाद का भव्य मंचन किया गया। भगवान श्रीराम के शिव धनुष तोड़ते ही माता सीता ने उन्हें वरमाला पहनाई। मंगल गीतों और आतिशबाजी से वातावरण भक्तिमय हो उठा। स्वयंवर में पहुंचे राजा-महाराजा शिव धनुष उठाने में असफल रहे। रावण-बाणासुर संवाद और राजा जनक की व्यथा का सजीव मंचन दर्शकों को प्रभावित कर गया। धनुष टूटने के बाद सभा में पहुंचे भगवान परशुराम और लक्ष्मण के बीच तीखे संवादों ने खूब तालियां बटोरीं। रामलीला में 12 वर्षीय अक्षांश मिश्रा ने लक्ष्मण और 24 वर्षीय आकाश शर्मा ने परशुराम की भूमिका निभाई। अक्षांश की संवाद अदायगी और भाव-भंगिमाओं ने दर्शकों का मन मोह लिया, जबकि आकाश ने ओजस्वी संवादों से अपनी छाप छोड़ी। निर्देशक कमलेश मिश्रा और सह-निर्देशक मृदुल मनोहर अग्रवाल के मार्गदर्शन में दोनों कलाकारों ने शानदार अभिनय किया। श्रीराम की भूमिका में अक्षत मिश्रा, सीता के रूप में श्रेयांस मिश्रा, रावण के रूप में अनुराग अग्रवाल, बाणासुर के रूप में बृज किशोर, राजा जनक के रूप में पंकज आर्य, मोटे राजा के रूप में रमेश गुप्ता और बंदीजन की भूमिका में मनीष चौरसिया ने अभिनय किया।