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VIDEO: राकेश प्रताप सिंह ने थामा भाजपा का हाथ, गौरीगंज में बदले सियासी समीकरण

गौरीगंज से लगातार तीन बार समाजवादी पार्टी के विधायक रहे राकेश प्रताप सिंह बुधवार को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। उनके साथ अयोध्या की गोसाईंगंज सीट से विधायक अभय सिंह और जालौन की कालपी सीट से विधायक विनोद चतुर्वेदी ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। गौरीगंज में जामो रोड स्थित राकेश प्रताप सिंह के आवास मंगलम पर आयोजित कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी ने तीनों विधायकों को पार्टी की सदस्यता दिलाई। प्रदेश अध्यक्ष ने उन्हें भगवा पटका पहनाया। सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के कई मंत्री, विधायक और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता जुटे। आवास के सामने बनाए गए पंडाल में करीब पांच हजार कुर्सियों की व्यवस्था की गई थी। तीनों विधायकों ने भाजपा के टोल फ्री नंबर पर फोन कर पार्टी की औपचारिक सदस्यता भी ग्रहण की। राज्यसभा चुनाव के बाद बढ़ी थी सपा से दूरी राकेश प्रताप सिंह वर्ष 2012 में पहली बार गौरीगंज से सपा के टिकट पर विधायक चुने गए थे। इसके बाद 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने जीत दर्ज की। वर्ष 2024 के राज्यसभा चुनाव में उन्होंने सपा के रुख से अलग भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया था। इसके बाद जून 2025 में सपा ने उन्हें निष्कासित कर दिया था। अब उन्होंने औपचारिक रूप से भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। समर्थकों को साथ लाने का किया था दावा राकेश प्रताप सिंह ने कार्यक्रम से पहले दावा किया था कि गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र के करीब 700 ग्राम प्रधान, पूर्व प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य उनके साथ भाजपा में शामिल होंगे। अब इस दावे के मुताबिक कितने जनप्रतिनिधि और समर्थक भाजपा से जुड़ते हैं, इस पर स्थानीय राजनीति में निगाहें रहेंगी। गौरीगंज में बदलेंगे सियासी समीकरण राकेश प्रताप सिंह के भाजपा में शामिल होने से गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र में पार्टी की रणनीति और स्थानीय नेतृत्व के समीकरणों पर असर पड़ सकता है। आगामी विधानसभा चुनाव में उनके व्यक्तिगत जनाधार की भूमिका अहम हो सकती है। वहीं, सपा के सामने अपने पुराने समर्थकों को जोड़े रखने की चुनौती रहेगी। भाजपा के लिए नए और पुराने कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल बनाना भी महत्वपूर्ण होगा।

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