शारदीय नवरात्र में देवी प्रतिमाएं यमुना नदी में नहीं, बल्कि कुंडों में विसर्जित होंगी। रविवार को बटेश्वर में यमुना नदी से 100 मीटर की दूरी पर जिला पंचायत ने कुंड खुदवाया है। कुंड में पानी भरा जा रहा है। विसर्जन के दौरान हादसे से बचने के लिए कुंड के चारों ओर सुरक्षा घेरा तैयार किया जा रहा है। बांस-बल्ली लगाए जाने का काम आखिरी दौर में है। एसीपी बाह जितेन्द्र कुमार ने बताया कि एनजीटी ने नदी में प्रतिमा विसर्जन पर प्रतिबंध लगाया है। प्रतिबंध पर अमल के लिए बटेश्वर में कुंड खुदवा कर यमुना का जल भरवाया है। कुंडों में ही देवी प्रतिमाएं विसर्जित होंगी। उन्होंने बताया कि संभ्रांतजनों के साथ विसर्जन यात्राओं में ध्वनि मानक का ध्यान रखने के लिए देवी भक्तों को पहले ही जागरुक किया गया था। आस्था और भक्ति के साथ नवरात्र के बाद देवी प्रतिमाओं की कुंड में विदाई के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।