एनएचएआई सहित फोरलेन निर्माण कंपनियों की ओर से स्थानीय लोगों को 80 प्रतिशत रोजगार नहीं देने, प्रभावितों को उचित मुआवजा नहीं देने, अवैध खनन, डंपिंग, अवैज्ञानिक कटिंग, श्रम कानूनों की अवहेलना, मकानों को हो रहे नुकसान के खिलाफ फोरलेन प्रभावितों ने हिमाचल किसान सभा, सीटू की अगुवाई में एनएचएआई कार्यालय चक्कर के बाहर प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है की एनएचएआई और निर्माण कंपनी की लापरवाही के कारण कई परिवार बेघर हो गए हैं और कई घरों पर खतरा मंडरा रहा ह। हिमाचल किसान सभा के अध्यक्ष डॉ. कुलदीप तंवर ने कहा कि एनएचएआई जिस तरह से पहाड़ों में निर्माण कार्य कर रही है, उससे पता चलता है कि उसके पास हिल कटिंग का कारगर मॉडल नहीं है।