राजस्थान में चुनावी बिगुल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भीलवाड़ा और दौसा की रैली के साथ ही बज चुका है। ऐसे में अब नेताओ में भी खासी होड़ नजर आ रही है, अपना वर्चस्व और अपनी ताकत आलाकमान को दिखाने की। यूं तो बीजेपी की प्रदेश स्तरीय स्थिति से सब ही वाकिफ हैं कि यहां पार्टी कितने गुटों में बटी हुई है। अब इस पर मुहर लगाने का समय आ चुका है।