पाकिस्तान सीमा से ड्रोन के जरिये हथियारों की कथित तस्करी भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन गई है। स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं के माध्यम से ये हथियार दूसरे राज्यों तक पहुंच रहे हैं। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड, सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या और पंजाब पुलिस खुफिया मुख्यालय पर आरपीजी हमले जैसे मामले इस नेटवर्क की जांच का हिस्सा हैं। पंजाब में ग्लॉक, पीएक्स-5, बरेटा जैसी विदेशी पिस्तौलों के साथ एके-47, एम-16 राइफल, हथगोले, आरडीएक्स और विस्फोटक उपकरण बरामद हुए हैं। मार्च 2022 से सितंबर 2026 के बीच पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस शाखा ने 92 आतंकवादी मॉड्यूल तोड़े। इस दौरान 686 लोगों को गिरफ्तार किया गया। 28 किलोग्राम से अधिक आरडीएक्स, 131 हथगोले और छह आरपीजी लॉन्चर बरामद हुए। जांच में इन सभी मामलों के तार पाकिस्तान से जुड़े पाए गए। ड्रोन के जरिये हथियारों की तस्करी सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती है। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने अक्तूबर 2025 में अमृतसर और फिरोजपुर के सीमावर्ती इलाकों से पिस्तौल, ड्रोन और हेरोइन बरामद की थी। इससे नशीले पदार्थों और हथियारों की दोहरी तस्करी स्पष्ट होती है।