हिमाचल प्रदेश की कुल्लू घाटी में पैदा होने वाला पर्सिमोन फल अब रेल के माध्यम से देश के बड़े बाजारों तक पहुंचाया जा रहा है। फिरोजपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक संजीव कुमार के मार्गदर्शन में बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट के प्रयासों से पर्सिमोन की रेल ढुलाई के लिए नया माल यातायात प्राप्त हुआ है। ट्रेन संख्या 13006 अमृतसर-हावड़ा मेल के एसएलआर में लुधियाना रेलवे स्टेशन से पर्सिमोन की पहली खेप हावड़ा के लिए रवाना की गई। इसमें 98 पैकेटों में कुल 2600 किलोग्राम पर्सिमोन लोड किया गया। पर्सिमोन को जापानी फल और अमरफल के नाम से भी जाना जाता है। यह विटामिन-सी, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर पौष्टिक फल है। कुल्लू समेत हिमाचल के ठंडे बागवानी क्षेत्रों में किसान इसकी खेती को बढ़ावा दे रहे हैं। कम लागत, बेहतर मूल्य और बढ़ती घरेलू मांग के कारण इसकी खेती किसानों के लिए आकर्षक बन रही है। वर्तमान में हावड़ा, कोलकाता और सियालदह तक पर्सिमोन भेजा जा रहा है। आने वाले दिनों में पटना और गुवाहाटी जैसे अन्य प्रमुख शहरों को भी रेल परिवहन से जोड़ा जाएगा। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक/फ्रेट परमदीप सिंह सैनी ने कहा कि रेल की विश्वसनीय और समयबद्ध माल परिवहन सेवा व्यापारियों को बेहतर सुविधा दे रही है।