सुनाम की ऐतिहासिक और पवित्र माटी का आशीर्वाद है कि यहां तराशी जाती प्रतिभाएं अपनी निष्ठा से देश-विदेश में तिरंगा लहरा रही हैं। राष्ट्रमंडल खेलों की वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में भारत का नाम रोशन करने वाली पदक विजेता हरजिंदर कौर ने सुनाम में ट्रेनिंग ली थी और इतिहास रचने के बाद सुनाम पहुंची हरजिंदर और उनके कोच जसपाल सिंह का सम्मान किया गया । समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए पंजाब के पूर्व वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींडसा ने कहा कि सुनाम की माटी में वह ऊर्जा है जिसने हरजिंदर जैसे जुझारू खिलाड़ियों को गढ़ा है। हरजिंदर कौर की यह उपलब्धि उनकी अथक मेहनत, त्याग और दृढ़ संकल्प का प्रत्यक्ष प्रमाण है। युवा पीढ़ी को उनसे प्रेरणा लेकर खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के पुत्र व ओलंपियन अशोक ध्यानचंद ने भी हरजिंदर कौर की इस ऐतिहासिक सफलता पर उन्हें बधाई दी। ढींडसा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोच जसपाल सिंह थिंद की सराहना करते हुए कहा कि उनके निस्वार्थ समर्पण और कोचों के सटीक मार्गदर्शन के बल पर ही इस माटी का आशीर्वाद अंतरराष्ट्रीय पोडियम तक पहुँच सका है। इस अवसर पर विभिन्न खेल व सामाजिक संस्थाओं ने हरजिंदर कौर को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में युवा अकाली नेता अमनबीर सिंह चेरी, मलकीत सिंह चंगाल, प्रितपाल सिंह हांडा, रिपुदमन सिंह ढिल्लों, पार्षद विजय लंकेश, गुरचरण सिंह धालीवाल, कंवरजीत सिंह लकी, मनदीप सिंह, कुलदीप सिंह बुगरा, सोम सिंह, मास्टर दलजीत सिंह, केसर सिंह ढोट, अजेब सिंह सग्गू और कोच सुनील वर्मा सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे।